मोहम्मद सईद
शहडोल 29 सितंबर। बाघों के लिए अपनी विशेष पहचान बनाने वाले बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के लिए और अधिक प्रोफेशनल एवं पर्यटक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सफलतापूर्वक पूरी हुई। मध्यप्रदेश इको टूरिज्म बोर्ड के मार्गदर्शन में आयोजित 21 दिवसीय इंग्लिश स्पीकिंग गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हुआ। तीन चरणों में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण में लगभग 100 गाइड्स एवं पर्यटन स्टाफ ने अंग्रेजी भाषा में संवाद, वन्य जीवों की जानकारी प्रस्तुत करने और इंटरप्रिटेशन स्किल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन अवसर पर क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय, उप संचालक योहन कटारा, सहायक संचालक जितेन्द्र अवासे एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी (टूरिज्म) अंकित सोनी उपस्थित रहे।
केवल अनुवादक नहीं, बांधवगढ़ के ब्रांड एम्बेसडर हैं गाइड
समापन सत्र को संबोधित करते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के बाद भी निरंतर सीखते और अभ्यास करते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बांधवगढ़ आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को ऐसे ज्ञानवान, आत्मविश्वासी और कुशल गाइड्स के साथ समय बिताने का अनुभव मिलना चाहिए, जो उन्हें बांधवगढ़ की जैव विविधता और वन्य जीवों की कहानी प्रभावी ढंग से समझा सकें। उन्होंने गाइड्स को प्रशिक्षण के दौरान उपलब्ध कराए गए मोबाइल ऐप, डिजिटल कंटेंट एवं अध्ययन सामग्री का नियमित उपयोग करने की सलाह दी, ताकि प्रशिक्षण के बाद भी उनकी अंग्रेजी संवाद क्षमता लगातार बेहतर होती रहे।
31 हजार से अधिक विदेशी पर्यटक आए
डॉ. सहाय ने कहा कि पिछले पर्यटन वर्ष में 31 हजार से अधिक विदेशी पर्यटकों ने बांधवगढ़ का भ्रमण किया। ऐसे में अंग्रेजी भाषा में आत्मविश्वास के साथ संवाद करने की क्षमता बांधवगढ़ की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पहचान को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि गाइड केवल अनुवादक नहीं, बल्कि बांधवगढ़ की कहानी और उसकी प्राकृतिक विरासत के ब्रांड एम्बेसडर हैं।
तीन बैच, 21 दिन और अंग्रेजी संवाद का व्यावहारिक अभ्यास
प्रशिक्षण कार्यक्रम को तीन बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रत्येक बैच में लगभग 35 गाइड्स शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पर्यटकों से अंग्रेजी में संवाद करने, वन्य जीवों एवं प्राकृतिक विरासत की जानकारी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने, सही उच्चारण, शब्दावली और इंटरप्रिटेशन स्किल्स का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
अहमदाबाद की प्रशिक्षक सुश्री तेजस्विनी रायजादा के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण ने गाइड्स को अंग्रेजी बोलने में होने वाली झिझक दूर करने और वास्तविक पर्यटन परिस्थितियों में संवाद का आत्म विश्वास बढ़ाने में मदद की।
जारी रहेगा सीखने का सिलसिला
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को डिजिटल कंटेंट एक्सेस, मोबाइल ऐप और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से गाइड्स प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद भी नियमित रूप से अंग्रेजी संवाद एवं भाषा कौशल का अभ्यास कर सकेंगे।
तीनों बैचों के प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण मॉड्यूल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनकी अंग्रेजी बोलने की झिझक कम हुई है और विदेशी पर्यटकों से संवाद करने का आत्मविश्वास बढ़ा है। समापन अवसर पर गाइड्स ने सामूहिक रूप से “WE ARE READY TO WELCOME TOURISTS” कहकर यह संदेश दिया कि वे अब बांधवगढ़ आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों का अधिक आत्मविश्वास और प्रोफेशनल तरीके से स्वागत करने के लिए तैयार हैं।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
इस अवसर पर क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने सफल आयोजन के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक डॉ. समीता राजौरा तथा मध्यप्रदेश इको डेवलपमेंट बोर्ड के CEO श्री एल. कृष्णमूर्ति के मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया।
यह प्रशिक्षण पहल बांधवगढ़ में वन्य जीव पर्यटन को अधिक प्रोफेशनल, संवाद-केंद्रित और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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