शहडोल 21 जनवरी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह रोकथाम के लिए गत दिवस ग्राम पंचायत उधिया में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा के मार्गदर्शन व नोडल अधिकारी श्रीमती संजीता भगत सहायक संचालक के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में श्रीमती संजीता भगत द्वारा उपस्थित महिलाओं को बाल विवाह होने के दुष्परिणाम से अवगत कराया गया। उन्होंने कहा यदि किसी भी बालिका का बाल विवाह होता है तो सर्वप्रथम वह शिक्षा से वंचित रह जाती है। जिससे भविष्य में अधिक हानिकारक प्रभाव पड़ता है। बच्चे कम उम्र में गर्भवती हो जाती हैं जिसका दुष्परिणाम यह होता है कि न वह शारीरिक रूप से परिपक्व होती हैं और न ही मानसिक रूप से। भविष्य में इसका गहरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे वन स्टॉप सेंटर में दी जाने वाली समस्त सेवाओं से भी अवगत कराया गया।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती कल्याणी बाजपेई ने उपस्थित महिलाओं को बाल कल्याण समिति के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के परिवेश को देखते हुए माता पिता को बच्चों में बहुत ही ध्यान देने की आवश्यकता है बच्चों को शिक्षित करें, किसी भी प्रकार से उनकी शिक्षा रुकनी नहीं चाहिए। साथ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से अवगत कराया गया।कार्यक्रम के अंत में बाल विवाह न होने देने एवं बच्चों को न दागने की शपथ ग्रहण कराया गया। कार्यक्रम में ग्राम के सरपंच, सचिव, सुपरवाइजर श्रीमती अंजू श्रीवास्तव, भानुप्रिया केस वर्कर एवं महिलाएं उपस्थित रहें।


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