उमरिया 25 जनवरी। जिला मुख्यालय स्थित स्वाद रेस्टोरेंट में पर्यावरणविद एवं अधिवक्ता अच्युत सुरेंद्र सिंह परिहार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर उमरिया जिले में अवैध रेत खनन को लेकर प्रशासनिक सख़्ती का समर्थन करते हुए रेत माफियाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि प्रशासन एवं पुलिस द्वारा अवैध रेत खनन पर की जा रही सख़्त कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। कार्रवाई से बौखलाकर माफियाओं ने पहले संबंधित कंपनी पर अनुचित लाभ लेने का दबाव बनाया, लेकिन जब उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो अब अनशन और आंदोलन की आड़ लेकर जनभावनाओं से खेलने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश
श्री परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि मानपुर जनपद के ग्राम पड़वार में हरफ़ल एवं भदार नदी के संगम स्थल के समीप इन दिनों किए जा रहे नदी बचाओ आंदोलन की आड़ में कुछ रेत माफिया और असामाजिक तत्व अवैध रेत खनन को सही ठहराने तथा प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि कथित अनशन में शामिल रवि पर दर्जनों अवैध रेत चोरी सहित अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं रामायण तिवारी पर खनिज विभाग द्वारा अवैध रेत खनन एवं परिवहन के मामले में 2 करोड़ 38 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश पहले ही पारित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन तथ्यों से यह स्पष्ट होता है, कि आंदोलन और अनशन की आड़ में सामने आ रहे ये लोग असामाजिक तत्वों की श्रेणी में आते हैं और लगातार कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं।
झूठे माहौल से सावधान रहें
पर्यावरणविद अच्युत सुरेंद्र सिंह परिहार ने जिला प्रशासन से यह मांग भी की कि ऐसे असामाजिक एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर सख़्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की कि रेत माफियाओं द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक और झूठे माहौल से सावधान रहें तथा जिले के विकास में योगदान देने वाली वैध संस्थाओं,विशेषकर महाकाल मिनरल्स को समर्थन दें।

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