Ticker

6/recent/ticker-posts

पक्षियों की हो रही गिनती, दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां दिखी

मोहम्मद सईद

शहडोल 7 जनवरी। आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) में पाए जाने वाले जल पक्षियों की प्रजातियों की पहचान, संख्या और संरक्षण की स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एशियन वाटर बर्ड सेंसस 2026 का दो दिवसीय आयोजन सफलता पूर्वक प्रारंभ हो गया है। यह सर्वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाला एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने "खबरें अभी तक" को बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत कुल 15 चयनित स्थलों (जिसमें डैम, नदी और तालाब सम्मिलित हैं) में पक्षी गणना की जा रही है। उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य में 12 पंजीकृत स्वयं सेवकों द्वारा सहभागिता की जा रही है। साथ ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के 32 क्षेत्रीय अमले के साथ ही सहायक संचालक और परिक्षेत्र अधिकारी भी इसमें सह भागिता कर रहे है। क्षेत्र संचालक डॉ. सहाय ने बताया कि पूरा सेंसस eBird app के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें पहले दिन 7जनवरी को 36 वन अमले तथा पक्षी विशेषज्ञों के द्वारा 9 स्थलों पर 65 से अधिक पक्षी प्रजातियों की पहचान कर उसे ऐप में अपलोड किया गया है। सर्वे के प्रथम दिवस पर कुल 9 वेटलैंड्स में जल पक्षियों की गणना एवं पहचान का कार्य पूर्ण किया गया जिसमें दुर्लभ दिखने वाले पक्षियों के साथ ही चेंजेबल हॉक ईगल, रूडी शेल्डक जैसी प्रजातियाँ भी देखी गई। शेष वेटलैंड्स में सर्वे का कार्य दिनांक 8 जनवरी को किया जाएगा।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र के उपसंचालक प्रकाश कुमार वर्मा ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व द्वारा इस प्रकार के वैज्ञानिक सर्वेक्षणों के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण, आर्द्रभूमि प्रबंधन तथा नागरिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एशियन वाटर बर्ड सेंसस जैसे कार्यक्रम जल पक्षियों के दीर्घकालिक संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Post a Comment

0 Comments