शहडोल 22 फरवरी। एक महिला ने शासकीय नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया और उसे बैंक में जमाकर बैंक से लोन ले लिया। लोन लेने के बाद महिला ने जब लोन की किश्त जमा नहीं की तब बैंक अधिकारियों को कुछ शंका हुई। इसके बाद बैंक के अधिकारियों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जब तहकीकात की तो सारा फर्जीवाड़ा उजागर गया। फर्जीवाड़ा कर लोन लेने वाली महिला अब पुलिस की गिरफ्त में है। मामला सोहागपुर थाने का है। इस संबंध में सोहागपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक की शाखा कुदरी रोड बस स्टैंड शहडोल के मैनेजर क्रांति कुमार साहू द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि बिशाखा दांगी उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम मानेगांव पोस्ट जैतपुर कोपरा तहसील देवरी जिला सागर द्वारा बिजली विभाग का फर्जी नियुक्ति आदेश एवं फर्जी पेस्लिप सहित अन्य कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर कुल दस लाख पचास हजार पाँच सौ रुपए का एक्सप्रेस क्रेडिट लोन प्राप्त किया गया था। लोन राशि प्राप्त करने के बाद से बिशाखा दांगी फरार हो गई है और ऋण की किश्तें जमा नहीं कर रही है।
नर्मदापुरम से किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सोहागपुर अरुण पाण्डेय द्वारा विशेष टीम गठित की गई, जिसमें सउनि संतोष कोल, प्रधान आरक्षक राजकुमार जायसवाल, मुकेश पटेल और महिला आरक्षक मेनका धूमकेत को शामिल किया। टीम ने विवेचना के दौरान संबंधित विभागों से विशाखा दांगी द्वारा जमा किए गए कागजातों के संबंध में जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि उसके द्वारा जमा किए गए नियुक्ति आदेश पूरी तरह से फर्जी है। इसके बाद टीम ने तकनीकी साक्षी के आधार पर विशाखा डांगी का पता किया और उसके बाद टीम उसे गिरफ्त में लेने भोपाल एवं नर्मदापुरम रवाना हो गई। टीम ने 21 फरवरी को विशाखा दांगी को नर्मदापुरम स्थित उसके किराये के मकान से गिरफ्तार कर सोहागपुर थाना ले आई।
खुद को लाइनमैन अटेंडेंट बताया
सोहागपुर थाना प्रभारी अरुण पाण्डेय ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपिया ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि पैसों की आवश्यकता होने के कारण उसने नौकरी पेशा दर्शाकर अधिक राशि का लोन लेने की योजना बनाई। फरवरी 2025 में उसने अपने लैपटॉप से ऑनलाइन एमपीईबी (बिजली विभाग) के पूर्व जारी आदेश डाउनलोड कर उन्हें एडिट कर स्वयं को अनूपपुर कार्यालय में लाइनमैन अटेंडेंट पद पर नियुक्त दर्शाते हुए फर्जी आदेश पत्र तैयार किया। इसके पश्चात एसबीआई बैंक कुदरी रोड शाखा में फर्जी ऑफर लेटर, पेस्लिप एवं आईसीआईसीआई बैंक खाता स्टेटमेंट जमा कर धोखाधड़ी पूर्वक 10 लाख 50 हजार 500 रुपए का लोन प्राप्त कर राशि का निजी उपयोग कर लिया। थाना प्रभारी श्री पाण्डेय ने बताया कि आरोपिया को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।


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