मोहम्मद सईद
शहडोल 18 अप्रैल। एक परिवार को अंतिम संस्कार के लिए वन विभाग द्वारा लकड़ी नहीं उपलब्ध कराई गई, जिसके चलते लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। शहडोल संभाग अंतर्गत अनूपपुर जिले के नगर परिषद जैतहरी के अध्यक्ष उमंग अनिल गुप्ता ने अनूपपुर जिले के कलेक्टर एवं वन मण्डलाधिकारी को पत्र लिखकर नगर में अंतिम संस्कार के लिए वन विभाग द्वारा लकड़ी उपलब्ध न कराए जाने पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने इस स्थिति को न केवल प्रशासनिक लापरवाही बताया, बल्कि इसे सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करने वाला विषय भी बताया है। नगर परिषद के अध्यक्ष श्री गुप्ता ने अपने पत्र में उल्लेख किया है, कि जैतहरी नगर में वन विभाग के डिपो में अंतिम संस्कार हेतु आवश्यक लकड़ी उपलब्ध नहीं है, जिससे शोक संतप्त परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं पूर्व पार्षद स्व. धनराज आहूजा की धर्मपत्नी श्रीमती कृष्णा आहूजा के निधन (16 अप्रैल 2026) के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए भी वन विभाग के डिपो में लकड़ी नहीं मिल सकी। इस घटना ने पूरे नगर में आक्रोश और असंतोष का माहौल पैदा कर दिया है।
अध्यक्ष ने अपने पत्र में कहा है, कि सनातन धर्म में अंतिम संस्कार अत्यंत श्रद्धा और परंपरा के साथ किया जाता है, ऐसे में लकड़ी जैसी मूलभूत व्यवस्था का अभाव अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग पैसे लेने के बावजूद लकड़ी उपलब्ध कराने में असफल हो रहा है, जो कि बेहद निंदनीय है। पत्र में यह भी कहा गया है, कि केंद्र और राज्य सरकारें जन्म से लेकर मृत्यु तक अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस प्रकार की लापरवाही इन प्रयासों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। नगर में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए अध्यक्ष ने चेतावनी दी है, कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। अध्यक्ष उमंग अनिल गुप्ता ने प्रशासन से मांग की है, कि जैतहरी के वन विभाग डिपो में नियमित रूप से अंतिम संस्कार हेतु लकड़ी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।


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