मोहम्मद सईद
शहडोल 2 जून। शहडोल जिले के राजस्व महकमें में घूसखोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कर्मचारी रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त के हाथों ट्रैप भी हो रहे हैं। ताजा मामला तहसीलदार ब्यौहारी के कार्यालय से सामने आया है। लोकायुक्त रीवा की टीम ने तहसीलदार ब्यौहारी के कार्यालय में पदस्थ एक लिपिक को 75 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। लिपिक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।लोकायुक्त रीवा से मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता रमेश रजक उम्र 45 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक–3 बाणसागर देवलौंद तहसील द्वारा बताया गया कि मेरे नाम से खेर माता रोड वार्ड नंबर 9 बाणसागर देवलौद में दुकान है। जिसे दिसंबर 2017 में दिलीप सोनी को किराए पर दिया गया था जिसमें दिलीप द्वारा सोने चांदी की दुकान किया हुआ है। दुकान को खाली कराने में मेरा विवाद दिलीप सोनी से जनवरी 2026 में हो गया था। दोनों पक्षों की तरफ से थाना देवलौद में एफआईआर कराई गई थी। थाना देवलौद द्वारा प्रकरण के निराकरण हेतु तहसील न्यायालय ब्यौहारी भेज दिया गया। शिकायतकर्ता रमेश ने बताया कि तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू लल्लू प्रसाद प्रजापति द्वारा मुझसे बोला कि तुम्हारा प्रकरण एसडीएम न्यायालय ब्यौहारी में चला गया है, मैं वहां तुम्हारा काम करा दूंगा। तुम एक लाख रुपए अगर दो तो मैं एसडीएम साहब से तुम्हारे पक्ष में आदेश करवा दूंगा। नहीं तो दूसरी पार्टी के पक्ष में आदेश करवा दूंगा। शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के द्वारा सत्यापन कराया गया। इसके बाद उप पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त कार्यालय रीवा प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम गठित की गई। 2 जून को अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय ब्यौहारी के बाहर फोटो कॉपी की दुकान में तहसीलदार तहसील ब्यौहारी में पदस्थ खंड लेखक(स्थाई कर्मचारी) वृत्त बुड़वा लल्लू प्रसाद प्रजापति निवासी वार्ड क्रमांक 10 ब्यौहारी जब रिश्वत के रूप में 75 हजार रुपए ले रहा था, तभी वहां मौजूद लोकायुक्त रीवा की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी लल्लू प्रजापति के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

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