मोहम्मद सईद
शहडोल 24 जुलाई। संभाग बनने के बाद शहडोल के लोगों को उम्मीद थी कि अब लालपुर स्थित हवाई पट्टी का विस्तार हो सकेगा और यहां भी हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। लेकिन समय बीतता गया और लोग सिर्फ आस लगाए ही बैठे रहे। एक समय तो सोशल मीडिया पर यह बात भी फैल गई थी कि मार्च 26 में हवाई सेवा शुरू होने जा रही है। लेकिन अभी जो अभी ताजा स्थिति की जो जानकारी मिल रही है, उससे हवाई सेवा के लिए जिलेवासियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि हवाई सेवा के लिए जरूरी माना जाने वाला तकनीकी या व्यावसायिक परीक्षण अभी तक नहीं किया गया है।
वहीं दूसरी ओर अब सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने हवाई सेवा के लिए प्रयास शुरू किए हैं। सांसद श्रीमती सिंह ने इस संबंध में संसद में प्रश्न उठाने के साथ ही उन्होंने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू से भेंट कर इस संबंध में विस्तृत चर्चा भी की है।
सांसद ने यह सवाल पूछा
सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने सवाल पूछा था कि क्या नागर विमानन मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या सरकार का मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्थित लालपुर हवाई पट्टी को एक पूर्ण विमानपत्तन के रूप में विकसित करने का कोई प्रस्ताव है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है।
क्या उक्त हवाई पट्टी के उन्नयन के लिए कोई तकनीकी सर्वेक्षण या व्यवहार्यता अध्ययन
किया गया है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा और परिणाम क्या हैं। क्या उक्त हवाई पट्टी को क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) - उड़ान के अंतर्गत शामिल कर
लिया गया है और यदि हां, तो इसकी वर्तमान स्थिति क्या है। क्या इस संबंध में कोई निविदा जारी की गई है अथवा कार्ययोजना तैयार की गई है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है; और उक्त परियोजना के कार्यान्वयन के लिए सरकार द्वारा क्या समय सीमा निर्धारित की गई है और निर्माण कार्य कब तक शुरू होने की संभावना है...?
मंत्री ने जवाब में यह बताया
सांसद श्रीमती सिंह के प्रश्न के जवाब में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने बताया है कि मध्य प्रदेश में शहडोल हवाई पट्टी को क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़े देश का आम नागरिक (आरसीएस- 'उड़ान') के तहत पहचान की गई असेवित हवाई अड्डों की संभावित सूची में शामिल किया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा हवाई पट्टी के उन्नयन के लिए
अभी तक कोई तकनीकी सर्वेक्षण या व्यवहार्यता अध्ययन नहीं किया गया है।
अगले 10 वर्षों में 120 नए गंतव्यों और 4 करोड़ यात्रियों को लक्षित करते हुए देश भर के टियर 2 एवं टियर 3 शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए उड़ान' योजना का अगला चरण दिनांक 04 जुलाई 2026 को शुरू किया गया था। यह योजना चैलेंज मोड फ्रेमवर्क उपलब्ध कराती है जिसके तहत राज्य सरकारें विकास के लिए हवाई पट्टियों को निर्दिष्ट कर सकती हैं। भूमि की उपलब्धता, अवसंरचना की तैयारी, तकनीकी एवं परिचालन व्यवहार्यता, यातायात क्षमता, वैधानिक मंजूरियों और राज्य सरकार की सहायता के आधार पर
प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जाता है।
जन भावनाओं से अवगत कराया-हिमाद्री सिंह
संसद में पूछे गए प्रश्न के संबंध में जब सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि लोकसभा की कार्यवाही में व्यवधान के कारण मेरे द्वारा उठाये गए प्रश्न पर चर्चा नहीं हो सकी। उन्होंने अभी बताया कि नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने लिखित जवाब में बताया की शहडोल में हवाई अड्डे का कोई तकनीकी या व्यावसायिक परीक्षण नहीं किया गया है।
सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने यह भी बताया कि मंत्री जी के इस उत्तर के बाद मैंने शुक्रवार को उनके कार्यालय में भेंट कर इस संबंध में आपत्ति व्यक्त की है। साथ ही शहडोल में हवाई अड्डे की आवश्यकता और जन भावनाओं से उन्हें अवगत कराया है। उनका कहना है कि इस संबंध में उनका प्रयास लगातार जारी रहेगा।
सांसद श्रीमती सिंह यह भी बताया कि नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है, कि तकनीकी परीक्षण और राज्य सरकार की संस्तुति प्राप्त कर इस संबंध में त्वरित कार्यवाही करें।


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