मोहम्मद सईद
शहडोल 26 जुलाई। नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश केअलग-अलग हिस्सों में युवाओं द्वारा किए गए धरना-प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा उठाई गई तीनों प्रमुख मांगों को केंद्र सरकार द्वारा मान लिए जाने के बाद छात्र-छात्राओं में अब प्रसन्नता देखने को मिली। छात्रों ने इसे अपने लंबे संघर्ष की बड़ी जीत बताते हुए खुशी जाहिर की है।
महाविद्यालय के छात्र संजय शर्मा, दीपक तिवारी, राजेंद्र पटेल, राखी श्रीवास्तव और सोनम सिंह का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में इतना कड़ा संघर्ष करना पड़ता है और उसके बाद यदि परीक्षा देने के बाद पेपर ही लीक हो जाए तो तैयारी करने वाले छात्र की क्या मनोदशा होती है यह सत्ता में बैठा हुआ व्यक्ति नहीं समझ सकता। व्यापारी राहुल गुप्ता का कहना है कि केंद्र सरकार के सामने छात्रों ने बहुत संघर्ष किया है और उसके बाद उन्हें यह सफलता मिली है। छात्रों के आंदोलन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल के लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।
युवा पीढ़ी को बधाई-घनश्याम जायसवाल
नगर पालिका परिषद शहडोल के अध्यक्ष व युवा नेता घनश्याम दास जायसवाल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जब युवा एक जुट होकर अपनी आवाज बुलंद करते हैं, तो सरकार को उनकी बात सुननी ही पड़ती है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से छात्रों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई तो नहीं हो सकती, इसलिए ऐसे कड़े कानून बनाए जाने चाहिए कि युवाओं को भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति का सामना न करना पड़े। श्री जायसवाल ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में जो भी दोषी हों उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस ने जो बर्बरता की की है बहुत निंदनीय है।
छात्रों के संघर्ष की जीत-संतोष चौबे
जाने-माने समाजसेवी और आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयुक्त सचिव संतोष चौबे ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है, कि यह देश के युवाओं और छात्रों के संघर्ष की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की सहमति और छात्रों की मांगों पर सरकार का सकारात्मक रुख जनशक्ति की ताकत को दर्शाता है। आप पार्टी के नेता श्री चौबे ने यह भी कहा कि अब शेष मांगों, विशेषकर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में भी सरकार को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने सभी युवाओं, छात्रों और आंदोलन में शामिल नागरिकों को इस लोकतांत्रिक जीत की हार्दिक बधाई दी है।
संघर्षरत हर युवा की जीत-मनीष श्रीवास्तव
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के
प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारी शिक्षा व्यवस्था को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगनी चाहिए और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस के युवा नेता मनीष श्रीवास्तव ने सड़कों पर आकर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर युवा और छात्र को बधाई भी दी है।




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