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कोर जोन बंद, फिर भी नहीं थमा जंगल सफारी का रोमांच

मोहम्मद सईद 

शहडोल, 17 अगस्त। मानसून की बारिश के बीच बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का जंगल पर्यटकों को लगातार अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। भले ही वन्य जीवों और उनके प्राकृतिक आवास के संरक्षण के लिए टाइगर रिजर्व का कोर जोन 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटकों के लिए बंद है, लेकिन बफर जोन में जंगल सफारी का रोमांच पूरी तरह बरकरार है। वर्षा ऋतु की हरियाली, लबालब जलस्रोत और वन्यजीवों की बढ़ी सक्रियता पर्यटकों को बांधवगढ़ के अलग और बेहद खूबसूरत रूप से रूबरू करा रही है।

47 दिनों में 2 हजार पर्यटक
 
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार 1 जुलाई से 16 अगस्त तक के महज 47 दिनों में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 400 से अधिक सफारी वाहन संचालित हुए, जिनमें करीब 2 हजार भारतीय एवं विदेशी पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। इस दौरान बफर जोन पर्यटन से साढ़े पांच लाख रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा जिप्सी संचालकों, गाइडों और होटल इंडस्ट्री को भी पर्यटकों की आवाजाही से आर्थिक लाभ मिला।

बाघ और तेंदुए के दीदार ने बढ़ाया रोमांच

मानसून में जंगल का मिजाज पूरी तरह बदल जाता है। चारों ओर फैली हरी चादर, बारिश से भरे जलस्रोत और वन्य जीवों की सक्रियता सफारी को यादगार बना रही है। आधे मानसून सत्र के दौरान धमोखर और पनपथा बफर क्षेत्रों में बाघों के दर्शन दर्ज किए गए। अलग-अलग अवसरों पर पर्यटकों को तेंदुए के भी दीदार हुए। इसके अलावा इंडियन गौर, हाथी, चीतल, सांभर, बार्किंग डियर और नीलगाय जैसे वन्य जीव भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।

15 अगस्त को 161 पर्यटकों ने की सफारी

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने "खबरें अभी तक" को बताया कि स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज के अवसर पर 15 अगस्त को बफर जोन में पर्यटन का खास उत्साह देखने को मिला। इस दिन 29 सफारी वाहनों से 161 पर्यटकों ने जंगल भ्रमण किया और इससे करीब 40 हजार रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि 16 अगस्त को भी 24 वाहनों से 111 पर्यटकों ने बफर जोन सफारी का आनंद लिया।


बारिश में भी क्रेज बरकरार 

बारिश के दिनों में भी जिस तरह से पर्यटक बांधवगढ़ पहुंच रहे हैं उससे यह बात परिलक्षित हो रही है की बारिश में भी बांधवगढ़ का क्रेज पर्यटकों के बीच बरकरार है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय का कहना है, कि बांधवगढ़ का कोर क्षेत्र मानसून अवधि में बंद जरूर है, लेकिन बफर जोन प्रकृति प्रेमियों और वन्य जीव पर्यटकों के लिए खुला है। बारिश के बाद जंगल की हरियाली, शांत वातावरण और वन्य जीवों की मौजूदगी इसे और खास बना रही है। उन्होंने पर्यटकों से सफारी के दौरान वन्य जीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, निर्धारित मार्ग और गति सीमा का पालन करने, जंगल में शांति बनाए रखने तथा प्राकृतिक वातावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचाने की अपील की है।

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