शहडोल 9 सितंबर। शहरवासियों के लिए लंबे इंतजार के बाद मनोरंजन और रोमांच का वह रंगीन संसार फिर लौट आया है, जिसकी यादें कभी बच्चों की आंखों में चमक और बड़ों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरती थीं। शहडोल के बाणगंगा मेला मैदान में मशहूर जेमिनी सर्कस ने दस्तक दे दी है। सर्कस के तंबू सजने के साथ ही शहर में उत्सुकता की लहर दौड़ पड़ी है। 11 सितंबर से अब यहां अगले एक महीने तक हंसी, रोमांच, करतब और तालियों की गूंज सुनाई देने वाली है। तंबू के भीतर शुरू होगा रोमांच का ऐसा सफर, जहां हर पल हैरान करने वाला होगा।
जेमिनी सर्कस के शो में देशी कलाकारों के साथ अफ्रीकी कलाकार भी अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। हवा में झूलते कलाकार, संतुलन के असाधारण खेल, जोखिम भरे करतब और रोमांच से भरपूर प्रस्तुतियां दर्शकों को सीट से बांधे रखने वाली हैं। मंच पर कलाकारों की फुर्ती और अद्भुत संतुलन देखकर जहां दर्शक दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर होंगे, वहीं अगले ही पल तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल गूंज उठेगा। सर्कस की यही खासियत है कि यहां हर क्षण आश्चर्य से भरा और हर प्रस्तुति रोमांच से सराबोर नजर आती है। मोबाइल और डिजिटल मनोरंजन के दौर में सर्कस का प्रत्यक्ष अनुभव नई पीढ़ी के लिए किसी जादुई दुनिया से कम नहीं होगा।
करतबों के साथ मनोरंजन का तड़का
जेमिनी सर्कस में केवल जोखिम भरे करतब ही नहीं, बल्कि मनोरंजन से भरपूर प्रस्तुतियां और आकर्षक कार्यक्रम भी दर्शकों का मन मोहने वाले हैं। पारंपरिक सर्कस की कला और आधुनिक मनोरंजन का मेल शो को और भी आकर्षक बनाने वाला है। कभी कलाकारों की कलाबाजियां दर्शकों को रोमांचित करेंगी, तो कभी मनोरंजक प्रस्तुतियां ठहाके लगाने पर मजबूर करेंगी। अफ्रीकन कलाकार अपनी जिमनास्टिक की अद्भुत कला का प्रदर्शन करेंगे।
रोशनी से जगमगाया पंडाल
सर्कस की तैयारियां शुरू होते ही बाणगंगा मैदान के आसपास रौनक बढ़ने लगी है। यहां रात दिन कारीगर सर्कस के पंडाल को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। दो विशालकाय तंबू लग चुके हैं, जो दूर से ही लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। पंडाल के अगल-बगल कलाकारों से सजे धजे कट आउट और बैनर लगाए गए हैं। मुख्य गेट को भी आकर्षक तरीके से सजाया गया है। सर्कस में अफ्रीकन कलाकारों सहित 43 कलाकार और लगभग 100 कर्मचारियों की टीम है। आयोजकों के अनुसार यहां तीन श्रेणी की टिकट 100, 200 और 300 रुपए में उपलब्ध रहेगी। तीन शो के साथ दोपहर 1 बजे, शाम 4 बजे और 7 बजे रोजाना सर्कस जारी रहेगा।
फिल्म मेरा नाम जोकर से है गहरा नाता
देश के सबसे पुराने व मशहूर सर्कस में शुमार जे़ेमिनी सर्कस और फिल्म के शो मैन कहे जाने वाले स्वर्गीय राज कपूर का बेहद पुराना रिश्ता है। फिल्म 'मेरा नाम जोकर' के सर्कस वाले दृश्यों की शूटिंग मुख्य रूप से मशहूर जेमिनी सर्कस में हुई थी। सर्कस के दृश्यों को प्रामाणिक और भव्य बनाने के लिए राज कपूर ने भारतीय और विदेशी सर्कस कलाकारों को इसमें शामिल किया था। फिल्म के अधिकांश सर्कस के खेल, तंबू, रिंग और जानवरों के साथ वाले दृश्य जेमिनी सर्कस के सेट-अप में ही शूट किए गए थे। जेमिनी सर्कस के खाते में एक बात यह भी दर्ज है कि कमल हसन की अपूर्व सहोदरंगल (अप्पू राजा) और मिथुन चक्रवर्ती की शिकारी जैसी मशहूर फिल्मों का भी वह हिस्सा रहा है।



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