मोहम्मद सईद
बिलासपुर। बिलासपुर में 20 मई का दिन एक ऐतिहासिक दिन बन गया, क्योंकि 20 मई को आकाशवाणी परिवार, आकाशवाणी के सभी कर्मचारी, उद्घोषक, कम्पियर, छोटे बच्चे, बन्धु बांधव, श्रोता, वार्ताकार सहित लगभग 200 से भी ज्यादा लोग आकाशवाणी बिलासपुर द्वारा आयोजित वॉकेथॉन में आकाशवाणी के 90 सालों की गौरवशाली परम्परा का उत्सव मनाने शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिलासपुर के जिलाधीश संजय अग्रवाल थे जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल थे एस एस पी और डी आई जी रजनेश सिंह।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जिलाधीश संजय अग्रवाल ने बदलते समय में भी रेडियो की पहुंच और उसके महत्व के बारे में अपने विचार साझा किए। रजनेश सिंह ने कहा कि रेडियो जीवन के हर क्षेत्र से जुड़ा है और लोगों को लगातार जोड़ रहा है। आकाशवाणी की कार्यक्रम प्रमुख डॉ. सुप्रिया भारतीयन ने रेडियो के महत्व और वॉकेथॉन के बारे में श्रोताओं को विस्तार से बताया। यह वॉकेथॉन आकाशवाणी के साथ-साथ नगर वासियों के लिए भी गौरव और कौतूहल का विषय था। पहली बार आकाशवाणी परिवार आकाशवाणी केन्द्र से बाहर जन-जन को जोड़ रहा था। आकाशवाणी परिसर से प्रारंभ हो कर वॉकेथॉन नूतन चौक, सीपत चौक, मुक्तिधाम सिग्नल चौक से होते हुए लगभग 3.5 कि.मी. का सफर तय करते हुए आकाशवणी वापस पहुंची। डॉ. अजय पाण्डेय, स्किनक्योर क्लीनिक बिलासपुर के सौजन्य से सभी प्रतिभागियों का मेडल देकर अभिनंदन किया गया।
आकाशवाणी के इस वॉकेथॉन की रूप रेखा बनाने में आकाशवाणी की कार्यक्रम प्रमुख
डॉ. सुप्रिया भारतीयन के साथ ही श्रीमती मोनाली ठाकरे, नेमीचंद साहू, सौरभ केशरवानी और श्रीमती लीना तिवारी का विशेष सहयोग रहा। तकनीकि सहयोग पवन थवाईत और गौरीशंकर कौशिक का रहा जबकि सोशल मिडिया टीम के साथी मातृका साहू, मनीष सलाम, श्रुति साहू और रूपेश
कंवर थे। कार्यक्रम के संचालन में सुनील चिपड़े, अंतरा, लिन्टा, गीता, महावीर, अदिती,
प्रभा, जानकी परवार, ईश्वरी, प्रभा तिवारी ने विशेष सहयोग दिया। कार्य सहयोग रमेश, कलेश, गोविंदा, पालेश्वर कमल, अशोक और विकास का रहा। इस तरह आकाशवाणी द्वारा आयोजित वॉकेथॉन ने आकाशवाणी
की गौरवशाली परम्परा के 90 वर्षों के साक्षी बनने का इतिहास रचा।


0 Comments