शहडोल 23 अप्रैल। संभाग अंतर्गत अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र में स्थित हिन्दुस्तान एम.बी. पावर प्रोजेक्ट से फ्लाई ऐश (राखड़) के परिवहन को लेकर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने गहरी आपत्ति जताई है। विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल कुमार गुप्ता ने अनूपपुर के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं और इस संबंध में तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल कुमार गुप्ता ने पत्र में उल्लेख किया है, कि पावर प्रोजेक्ट से प्रतिदिन 24 घंटे भारी वाहनों के माध्यम से फ्लाई ऐश का परिवहन किया जा रहा है। इन वाहनों में परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित मानक क्षमता से अधिक वजन लोड किया जा रहा है, जिससे जिले की प्रमुख सड़कों, विशेषकर जैतहरी नगर से गुजरने वाले मार्गों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कई स्थानों पर सड़कें टूटकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित ट्रांसपोर्टर, खासकर एच.आर.सी. नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। श्री गुप्ता ने दावा किया है कि ट्रांसपोर्टर स्वयं यह कहते हैं कि वे प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर सांठगांठ रखते हैं, जिससे उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। इस तरह के कथित बयानों से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं और जनता के बीच असंतोष की भावना बढ़ रही है।
दुर्घटना का बढ़ा खतरा
उन्होंने आगे कहा कि ओवरलोड वाहनों के कारण न केवल सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, बल्कि यातायात नियमों का उल्लंघन होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। जैतहरी नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। धूल, प्रदूषण और लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
गेट पर ही हो चेकिंग
भाजपा नेता अनिल कुमार गुप्ता ने प्रशासन से मांग की है, कि पावर प्लांट के गेट पर ही सख्त चेकिंग व्यवस्था लागू की जाए और ओवरलोड वाहनों को तत्काल रोका जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दिन के समय नगर और आबादी वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। पत्र में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जनहित में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने “चक्का जाम” जैसे बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है, जिससे प्रशासन पर दबाव और बढ़ सकता है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश के उच्च स्तर तक भेजी गई है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मुख्य सचिव, गृह विभाग के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक, शहडोल संभाग की आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक को भी शामिल किया गया है। अब देखना यह है कि आखिर कब तक ओवरलोडिंग पर लगाम लगाई जाती है और जैतहरी सहित पूरे क्षेत्र को इस समस्या से राहत मिलती है।


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