मोहम्मद सईद
शहडोल 6 मई। लोकायुक्त डीएसपी गत दिवस अचानक नगर परिषद के कार्यालय में पहुंचे और मुख्य नगर पालिका अधिकारी से कुछ दस्तावेजों को मांग कर दस्तावेजों का बारीकी से निरीक्षण करने लगे। यह बात कार्यालय में जैसे ही अन्य लोगों को हुई वहां हड़कंप मच गया। दरअसल पूरा मामला रीवा के एक ठेकेदार द्वारा लोकायुक्त से की गई शिकायत से जुड़ा है। लोकायुक्त डीएसपी ने जिस नगर परिषद में दस्तावेजों को खंगाला है, वह शहडोल संभाग अंतर्गत अनूपपुर जिले की जैतहरी नगर परिषद है।
जैतहरी नगर परिषद पहुंचे लोकायुक्त डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार ने बताया कि रीवा के एक ठेकेदार ने लोकायुक्त में शिकायत की थी कि नगर परिषद जैतहरी द्वारा गलत तरीके से उनका एफडीआई जप्त कर लिया गया है और उनके कार्य को किसी अन्य को दे दिया गया है। साथ ही निर्माण कार्यों और टेंडर में अनियमितताओं की भी शिकायत की गई है। इन्हीं सब बातों को लेकर नगर परिषद कार्यालय में दस्तावेजों का निरीक्षण करने के साथ ही सीएमओ का कथन भी लिया गया है। डीएसपी श्री परिहार ने बताया कि दस्तावेज लिए गए हैं और सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
समयावधि में नहीं किया काम
इस संबंध में जैतहरी नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शिव महिमा कंस्ट्रक्शन कंपनी रीवा को वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री अधो संरचना योजना के तहत लगभग एक करोड़ रुपए से अधिक के निर्माण कार्य का ठेका मिला था। मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री सिंह ने बताया कि 12 महीने की समय अवधि में ठेकेदार को काम पूरा करना था, लेकिन उक्त ठेकेदार ने नियत समय अवधि में काम पूरा नहीं किया। ठेकेदार को चार-पांच बार नोटिस भी दी गई, लेकिन उसके बाद भी काम पूरा नहीं किया गया।
10 लाख रुपए किए जब्त
मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री सिंह ने बताया कि इसके बाद नगर परिषद की बैठक और पीआईसी की स्वीकृति मिलने के बाद उक्त ठेकेदार का ठेका निरस्त कर उसकी लगभग 10 लाख रुपए की अमानत राशि को जब्त कर दूसरे ठेकेदार को निर्माण कार्य का ठेका दे दिया गया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी का यह भी कहना है, की पूरी कार्यवाही नियमानुसार की गई है।



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