मोहम्मद सईद
शहडोल 8 जून। खेत के फेंसिंग वायर में फंसी मिली मादा बाइसन (गौर) को रेस्क्यू कर इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही इसकी मौत हो गई गई। मामला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का है। इस बाइसन को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाया गया था।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय से मिली जानकारी के अनुसार
सोमवार को सूचना मिली कि कटनी वन मण्डल के परिक्षेत्र बड़वारा की बीट करेला से लगे हुए ग्राम उटिन में एक किसान गणेश प्रसाद कुशवाहा के खेत मे एक बाइसन के बार्बेड तार की फेंसिंग में फंसा हुआ है। सूचना मिलने पर निकटवर्ती कटनी वन मंडल के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से इस बाइसन को फेंसिंग तार से निकाल लिया।
इसके बाद बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व की रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंच गई और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्य जीव स्वास्थ्य अधिकारी ने घायल बाइसन का प्रारंभिक इलाज किया।
क्षेत्र संचालक डॉ. सहाय ने बताया कि आगे के इलाज के लिए इस मादा बाइसन को
मगधी परिक्षेत्र के बहेरहा बाड़ा ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया किबहेरहा बाड़े के समीप ही उसका पोस्ट मार्टम परीक्षण संपन्न कर शवदाह किया गया है। पोस्टमार्टम परीक्षण के दौरान समस्त अंगों से आवश्यक सैंपल्स लिए गए है जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाल भेजा जा रहा है।
क्षेत्र संचालक ने यह भी बताया कि इस मादा बाइसन को इसी वर्ष माह जनवरी में सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व से बांधवगढ़ लाया गया था और इसकी पहचान के लिए इसके गले में नेक बैंड भी लगाया गया था।


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