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कैथ लैब शुरू होने से हार्ट अटैक के मरीजों का बचेगा गोल्डन आवर

मोहम्मद सईद

शहडोल 4 जुलाई। लंबे समय से जिस अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का इंतजार शहडोल संभाग के लोगों को था, वह अब पूरा होने जा रहा है। अब तक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने की स्थिति में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर, नागपुर, या रायपुर जैसे बड़े शहरों के लिए रेफर करना पड़ता था। इस दौरान इलाज में देरी होने से कई बार मरीजों का बहुमूल्य 'गोल्डन आवर' निकल जाता था, जिससे जान का खतरा बढ़ जाता था। विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट अटैक के बाद शुरुआती एक घंटे को गोल्डन आवर माना जाता है। यदि इस दौरान मरीज की बंद या संकरी हृदय धमनी को समय पर खोल दिया जाए तो हृदय की मांसपेशियों को होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है और मरीज की जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। अब तक शहडोल से बड़े शहरों तक पहुंचने में कई घंटे लग जाते थे, जिसके कारण कई मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती थी।शहडोल के आदित्य सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 5 जुलाई को अत्याधुनिक कैथ लैब (कैथेटराइजेशन लैब) का शुभारंभ होने जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद हार्ट अटैक सहित हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा। कैथ लैब की सुविधा शुरू होने से अब एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी समेत कई महत्वपूर्ण हृदय संबंधी प्रक्रियाएं शहडोल में ही की जा सकेंगी। इससे मरीजों को तत्काल विशेषज्ञ उपचार मिलेगा और रेफर की आवश्यकता भी काफी हद तक कम हो जाएगी।

आदित्य सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के चिकित्सा सेवा यात्रा के 5 सफल वर्ष पूरे कर लेने के मौके पर हॉस्पिटल के डॉयरेक्टर डॉक्टर आदित्य द्विवेदी ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान बताया कि 5 जुलाई को शहडोल संभाग की पहली अत्याधुनिक कैथ लैब का शुभारंभ होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मशीन का उद्घाटन नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के विश्वास, लाखों लोगों की आशाओं और हमारे सेवा के संकल्प की एक नई उड़ान है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा एक मात्र ध्येय विंध्य क्षेत्र के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक श्रेष्ठ चिकित्सक, उत्कृष्ट चिकित्सा के संकल्प के साथ सबसे किफायती, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंचाना है। डॉयरेक्टर डॉक्टर आदित्य द्विवेदी ने बताया कि शहडोल संभाग की इस पहली सर्व सुविधायुक्त कैथ लैब के चालू हो जाने से 24 घंटे आपातकालीन हृदय रोग उपचार की व्यवस्था यहीं उपलब्ध होगी। अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट की देखरेख में 24 घंटे परामर्श, इको, टीएमटी, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर इम्प्लांटेशन की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिलेगी, जो हजारों जीवन बचाने में मील का पत्थर साबित होगी।

कटे हुए हाथ की 2 घंटे में सफल सर्जरी

उपलब्धियों को साझा करते हुए डॉक्टर द्विवेदी ने बताया कि हॉस्पिटल में अभी तक एंडोस्कोपी प्रोसीजर 112 सफल मामले, स्पाइन सर्जरी के 77 मरीजों का सफल ऑपरेशन, एंजियोग्राफी के 56 सफल प्रोसीजर, एंजियोप्लास्टी के 38 सफल प्रोसीजर, कूल्हा प्रत्यारोपण के 35 सफल ऑपरेशन, हेड इंजरी व ब्रेन सर्जरी के 26 जटिल व सफल ऑपरेशन और घुटना प्रत्यारोपण के 05 सफल ऑपरेशन उनके डॉक्टरों की टीम द्वारा किए गए है। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने एक दुर्घटना ग्रस्त युवक का पूरी तरह से कटा हुआ हाथ 2 घंटे की बेहद जटिल माइक्रो-सर्जरी के जरिए सफलता पूर्वक जोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

यह सुविधा है उपलब्ध 

हॉस्पिटल की अन्य सुविधाओं के संबंध में उन्होंने बताया कि 24x7 इमरजेंसी व ट्रॉमा केयर, अत्याधुनिक ICU (क्रिटिकल केयर), मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर (Modular OT), ऑर्थोपेडिक्स, जनरल व लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, गायनेकोलॉजी, एडवांस्ड पैथोलॉजी, सीटी स्कैन (CT Scan) एवं डिजिटल रेडियोलॉजी की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क सेवाओं की भी उपलब्धता है।

पत्रकार वार्ता में यह भी रहे उपस्थित 

पत्रकार वार्ता में डॉ. स्मिता द्विवेदी मैनेजिंग डॉयरेक्टर व डेंटल सर्जन, डॉ. इमरान शेख कार्डियोलॉजिस्ट, डॉ. राज शर्मा न्यूरो सर्जन, डॉ. अम्बिका गुप्ता श्वास रोग विशेषज्ञ. डॉ. दीपक शुक्ला गैस्ट्रोसर्जन, डॉ. दिव्यानी स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. कौशिक रेडिओलॉजिस्ट, डॉ. अभिषेक मिश्रा मैक्सिलो फेसिअल सर्जन और डॉ. शरद कुमार प्लास्टिक सर्जन भी उपस्थित रहे।

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