Ticker

6/recent/ticker-posts

मुरम पर खनिज विभाग की कार्रवाई, उठे कई सवाल

मोहम्मद सईद

शहडोल 16 अगस्त। जिले में मुरम के अवैध खनन और परिवहन को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। खास बात यह है, कि स्वयं खनिज विभाग के प्रभारी अधिकारी राहुल शांडिल्य जुलाई माह में कैमरे के सामने यह स्पष्ट कर चुके हैं, कि जिले में मुरम की एक भी खदान स्वीकृत नहीं है। इसके बावजूद जिले के विभिन्न हिस्सों में निर्माण कार्यों के लिए मुरम की सप्लाई और उसका परिवहन लंबे समय से जारी रहने की बात सामने आती रही है। ग्राम पंचायतों द्वारा निर्माण कार्यों में मुरम के भुगतान को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मीडिया में मामला उठने के बावजूद लंबे समय तक खनिज विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई। खनिज विभाग के पटले राज में अवैध रूप से मुरम की सप्लाई जारी रही और लंबे समय तक मुरम लोड करके गुजरने वाले वाहन खनिज विभाग को कभी दिखाई नहीं दिए। लेकिन ऐसा लग रहा है, कि 'अब आया ऊँट पहाड़ के नीचे' वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। जिले में नए प्रशासनिक मुखिया के आने के बाद विभाग का नजारा बदला-बदला सा नजर आ रहा है। सावन के हरे-भरे मौसम में तो खनिज विभाग और उसके पटले राज को मानो सांप सूंघ गया है। जिले के नए कलेक्टर पार्थ जायसवाल के तेवर और प्रशासनिक कसावट को देखते हुए अब खनिज विभाग को मुरम के वाहन भी नजर आने लगे और विभाग इन वाहनों को पकड़ने की जुर्रत भी करने लगा है।

विभाग ने यह कार्यवाही की 

जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार खनिज विभाग द्वारा गत दिवस ग्राम मैकी से प्राप्त मुरम खनिज के अवैध खनन एवं परिवहन संबंधी शिकायत की जांच की गई। जांच के दौरान मुरम खनिज का परिवहन करते हुए दो वाहनों को पकड़ा गया। जांच के दौरान ग्राम मैकी से राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग पर दो डंपरों को मुरम खनिज का परिवहन करते हुए पाया गया। दोनों वाहनों के चालकों के पास मुरम खनिज के परिवहन से संबंधित कोई रॉयल्टी अथवा वैधानिक अनुमति उपलब्ध नहीं पाई गई। खनिज विभाग द्वारा दोनों वाहनों को जब्त कर थाना सोहागपुर की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है।

तो क्या चल रहा था खेला 

मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है, कि जब जिले में मुरम की एक भी वैध खदान स्वीकृत नहीं है, तो लंबे समय से निर्माण कार्यों और अन्य गतिविधियों के लिए मुरम की आपूर्ति आखिर कहां से हो रही थी...? यदि मुरम का परिवहन वैध अनुमति और रॉयल्टी के बिना किया जा रहा था, तो इतने लंबे समय तक विभागीय निगरानी से यह गतिविधि कैसे बची रही...? 
नए प्रशासनिक नेतृत्व के बीच खनिज विभाग की इस कार्रवाई ने उम्मीद जरूर जगाई है, कि अब अवैध खनन और परिवहन पर शिकंजा कस सकता है। लेकिन असली तस्वीर तभी साफ होगी, जब मैकी के बाद जिले के अन्य क्षेत्रों में भी मुरम से लदे वाहनों की नियमित जांच हो, अवैध खनन के स्रोतों तक पहुंचा जाए।

Post a Comment

0 Comments