इस कारण लगा अर्थ दंड
जारी आदेश के अनुसार प्रमाण पत्र जारी करने, भूमि सीमांकन, जन्म पंजीयन, नामांतरण, मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन और अनुज्ञप्ति नवीनीकरण जैसी सेवाओं के मामलों में देरी पाई गई। इन मामलों में संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार मानते हुए अर्थदंड लगाया गया है।
यह अधिकारी आए घेरे में
कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने प्रमाण पत्र न प्रदाय करने पर नगर पालिका अधिकारी धनपुरी अमित तिवारी, भूमि का सीमांकन संबंधित प्रकरण पर नायब तहसीलदार सोहागपुर श्यामलाल मोगरे, जन्म के 1 वर्ष के पश्चात पंजीयन के लिए अनुमति संबंधित हेतु दीपक पटेल तहसीलदार सोहागपुर, अविवादित नामान्तरण नहीं करने संबंधित हेतु नायब तहसीलदार जयसिंहनगर शनि द्विवेदी, मृत्य प्रमाण पत्र संबंधित हेतु ग्राम पंचायत कुबरा के सचिव रामचरित साहू, ग्राम पंचायत जैतपुर के सचिव प्रभुनाथ बैगा, संग्राम सिंह ग्राम पंचायत तेंदूडोल, ग्राम पंचायत धमनीकला के सचिव अरूण मिश्रा, ग्राम पंचायत मैरटोला के सचिव लक्ष्मण कोल, विवाह के पंजीयन संबंधित हेतु ग्राम पंचायत कैरहा अजय सिंह, रामकिशोर पटेल सचिव ग्राम पंचायत आखेटपुर पर जन्म प्रमाण पत्र समय पर नहीं उपलब्ध कराने पर, अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण करने संबंधित सहायक संचालक उद्यानिकी झनक सिंह के विरूद्व 500-500 रुपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।
इसी प्रकार मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने संबंधित ग्राम पंचायत गोपालपुर के सचिव के विरूद्व 1500 रुपए, जन्म प्रमाण पत्र प्रदाय न करने पर नगर पालिका अधिकारी शहडोल निशांत सिंह ठाकुर के विरूद्व 2000 रुपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया। जारी आदेश में कहा गया है कि अधिरोपित अर्थदण्ड की राशि को संबंधित अधिकारी तीन दिवस के अंदर जमा कराएं।
प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत गया है कि लोक सेवाओं के मामलों में अब लापरवाही को सामान्य प्रक्रिया मानकर नजर अंदाज नहीं किया जाएगा। लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
कलेक्टर पार्थ जायसवाल की कार्रवाई के बाद राजस्व, नगरीय निकाय और पंचायत स्तर पर लंबित आवेदनों के समयबद्ध निराकरण को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
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