मोहम्मद सईद
शहडोल 4 जुलाई। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत स्थानांतरित किए गए पार्थ जायसवाल ने मंगलवार को शहडोल कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण किया। कलेक्टर का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त कर जिले के प्रशासनिक कामकाज की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विभागीय गतिविधियों, चल रही योजनाओं और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों के संबंध में जानकारी ली।पदभार संभालने के बाद अधिकारियों ने कलेक्टर का स्वागत करते हुए उन्हें जिले की प्राथमिकताओं और विभिन्न विभागों की कार्य प्रणाली से अवगत कराया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम प्रजापति और अपर कलेक्टर सरोधन सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।
बुधवार को कार्याें की करेंगे समीक्षा
शहडोल के नवागत कलेक्टर पार्थ जायसवाल 5 अगस्त को प्रातः 11 बजे से कलेक्टर कार्यालय के विराट सभागार में जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। इस दौरान कलेक्टर श्री जायसवाल मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमो की तैयारियों सहित अन्य विभागीय कार्याें की समीक्षा करेंगे।
छतरपुर के यह कार्य चर्चाओं में
नवागत कलेक्टर पार्थ जायसवाल वर्ष 2015 के आईएएस अधिकारी हैं। आईएएस अधिकारी श्री जायसवाल अपनी मजबूत तकनीकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और जमीन से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं। शहडोल आने से पूर्व वह छतरपुर में कलेक्टर के पद पर पदस्थ थे। छतरपुर कलेक्टर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शिशु और मातृ मृत्यु दर में 50 प्रतिशत तक की कमी लाने के लिए विशेष मातृत्व स्वास्थ्य परियोजना की शुरुआत की, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और ट्रैकिंग सुनिश्चित की गई। इसके लिए उन्हें राज्य स्तर पर सराहना और पुरस्कार भी मिले हैं। छतरपुर में उनका लोगों के बीच जमीन पर बैठकर जनसुनवाई करना भी चर्चाओं में था। छतरपुर में उन्होंने पर्यटन को लेकर भी विशेष कार्य किया है।
शहडोल में रह चुके हैं सीईओ
श्री जायसवाल वर्ष 2019 से 2024 तक शहडोल में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) भी रह चुके हैं। शहडोल में जिला पंचायत सीईओ के अपने 5 साल के लंबे कार्यकाल के दौरान, उन्होंने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और राज्य आजीविका मिशन जैसी बुनियादी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया।
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