मोहम्मद सईद
शहडोल 4 जुलाई। मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्र-छात्राओं के लिए पैरामेडिकल शिक्षा आज रोजगार की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभर रही है। इसी दिशा में शहडोल में संचालित राजीव गांधी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस (पैरामेडिकल) में विभिन्न पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ है।
मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल, भोपाल से मान्यता प्राप्त राजीव गांधी कॉलेज में विशेष रूप से बीएमएलटी (Bachelor of Medical Lab Technician) और डीएमएलटी (Diploma of Medical Lab Technician) पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, BMLT तीन वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम है, जिसमें 12वीं कक्षा जीव विज्ञान (Biology) विषय के साथ उत्तीर्ण विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। वहीं DMLT दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम है, जो विद्यार्थियों को मेडिकल लैब टेक्नीशियन के क्षेत्र में आवश्यक शैक्षणिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। पैरामेडिकल क्षेत्र में बेहतर करियर का अवसर
मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। विभिन्न बीमारियों की जांच एवं निदान में मेडिकल लैब टेक्नीशियन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में करियर के अवसर उपलब्ध होते हैं।
शहडोल में राजेंद्र टॉकीज के पीछे, कामधेनू भवन के आगे स्थित राजीव गांधी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस (पैरामेडिकल) अपने स्वयं के विशालकाय भवन में आधुनिक सुविधाओं के साथ संचालित हो रहा है। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक संस्थान को संचालित होते हुए करीब पांच वर्ष हो चुके हैं और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कॉलेज में BMLT एवं DMLT पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र छात्र-छात्राओं को शासन के नियमानुसार छात्रवृत्ति का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को पैरामेडिकल शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है। कॉलेज भवन में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे भवन में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही भवन की सुरक्षा के लिए चारदीवारी भी है। बिजली व्यवस्था बाधित होने की स्थिति में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जनरेटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ कंप्यूटर संबंधी ज्ञान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कॉलेज में कंप्यूटर लैब की सुविधा भी मौजूद है।
राजीव गांधी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस (पैरामेडिकल) शहडोल के संचालक सतेंद्र सोनी ने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के साथ परीक्षा परिणाम पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। संचालक श्री सोनी ने बताया कॉलेज में अभी प्रवेश दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इच्छुक विद्यार्थी कॉलेज में संपर्क कर पाठ्यक्रम, पात्रता एवं प्रवेश से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।



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